मंगलवार, जनवरी 16, 2007
teast only
कल फ़िल्म ‘गुरू’ देखी। पहली बार कोई हिन्दी फ़िल्म मिलि जो किसि व्यापारी पर बनी है। कुछ भाग पसंद नहिं आया, पर फ़िल्म ने धीरू भाई अंबानि के जीवन को क्या बखूबि दिखाया है। कैसे एक गरीब गुजराती बणिये ने भारतीय कारोबारी जगत का चलन ही बदल दिया। फ़िल्म ने उनके कारोबारी ज़िन्दगि के बारे में कम पर इमोशनल पहलू ज्यादा समय खर्च किया है। उनके और जी पी गोयनका के झगडे को सबसे ज्यादा दिखाया है। जी पी गोयनका के रूप में मिथुन खूब जंचे हैं। माधवन इन्डियन ऐक्सप्रैस के पत्रकार मुथु के रूप में है जिन्होने रिलायंस के बिज़नेस में गड़बडि़यां उजागर की थी। सबके नाम बदले हुये हैं। नुस्लि वाडिया की जगह कोइ कांट्रेक्टर नाम के शख्स हैं। सबका अभिनय दमदार है। शायद मणि रत्नम कि वजह से।
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1 टिप्पणी:
Dipu and Napa
I want to congratulate you on getting married. I am so happy for you.
Sister Greer
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